बाजारों में बिकने वाले ज्यादातर सजावटी पेंट सेहत के लिए खतरनाक है| खासतौर से बच्चों और महिलाओं के लिए यह साइलेंट किलर का कम कर रहे हैं| इसकी वजह है ज्यादातर ब्रैंड के पेंट में तय मानकों से ज्यादा लेड का इस्तेमाल| यह खुलासा कंस्यूमर असोसिएशन ऑफ़ इंडिया कि हल की स्टडी से हुआ है| इस स्टडी के तहत करीब सभी ब्रैंड के पेंट के सैंपल लिए गए थे| इसके बाद सरकारी लैब में इनकी जाँच कराई गई| सैंपल की जाँच में ८३.८७ पर्सेंट सैंपल में लेड की मात्रा तय मानकों से ६०० से लेकर १००० पीपीएम से ज्यादा लेड पाया गया| इसमें प्लास्टिक पेंट, सजावटी पेंट के सैंपल उठाए गए थे|
ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैण्डर्ड पेंट में १००० पीपीएम लेड के इस्तेमाल की अनुमति देता है| विश्व स्वास्थ्य संगठन और दूसरी अंतर्राष्ट्रीय संस्थायों ने पहले इसके लिए ६०० पीपीएम का स्टैण्डर्ड निर्धारित किया था, लेकिन इसके खतरनाक परिणामों को देखते हुए अब इसकी मानक मात्रा को घटाकर ९० पीपीएम कर दिया है| बावजूद इसके देश की पेंट इंडस्ट्री इसे सुरक्षित बनाने की तरफ अग्रसर नहीं हो रही| पेंट इंडस्ट्री की लापरवाही का ही नतीजा है कि १२ साल से कम उम्र के देश के ६३.५ पर्सेंट बच्चों के रक्त में लेड की मात्रा १० माइक्रोग्राम प्रति डेसी लीटर से ज्यादा है| ऐसे में बच्चों में कई गंभीर समस्याएँ आ सकती है| मसलन आईक्यू कमजोर होना, लर्निग डिसऑर्डर और व्यावहारिक समस्याएँ उत्पन्न होना आम है|
ऐसे में जरूरत है तो हमे जागरूक होने की इन सजावटी पेंट्स का इस्तेमाल जरा सोच समझकर करना होगा नहीं तो इनके खतरनाक प्रभाव हमारे बच्चों में ना पड़ जाएँ|
sahir hai aaj hamare bajaro mao hume kafi milavati chize di ja rhi hai mai iske liye jaruri hai ki hum sarkar par nirbhar na rah kar ese logo ke khilaf skhat kadam utaye
ReplyDeletewell said........
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