बेटे को डॉक्टर बनाने कि चाह में दी साढ़े १२ लाख रूपये कैश
स्टुडेंट्स को ठगने वाले रैकेट का शिकार इस बार राजधानी के एक सरकारी अफसर बने है| उनसे हुई लाखों कि ठगी में मुंबई पुलिस ने एक मुलजिम को गिरफ्तार किया है, लेकिन रैकेट का मास्टरमाइंड फरार है| संतान का भविष्य सँवारने की जद्दोजहद कर रहे पैरंट्स के सपनों को ठगने में जालसाज लगातार कामयाब हो रहे हैं| राजौरी गार्डेन में रहने वाले राजकुमार साहनी यूजीसी में अधिकारी हैं और उनकी पत्नी नीलाम सरकारी स्कूल में टीचर हैं| दोनों अपने एकमात्र बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते हैं| उन्होंने एक अख़बार में एमडी, एमएस, और एमडीस में एडमिसन गाइडेंस के लिए विज्ञापन देखा| ओएसिस एजुकेशनल सर्विस की ओर से दिए गए इस विज्ञापन में लिखें सेल नंबर पर साहनी ने कॉल की| उधर से साहिल और मिशन पटेल के युवकों से उनकी बात हुई| बातचीत के बाद साहनी दंपती को भरोशा हो गया|
मिशन पटेल ने साहनी दंपती को मुंबई बुलाया कफ परेड में स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ३० वें माले पर पटेल का दफ्तर देखकर साहनी खासे प्रभावित हुए| पटेल ने उन्हें बताया कि अहमदनगर के प्रवर मेडिकल कॉलेज में डेंटल कोर्स में वह मिनिस्टर के कोटे से एडमिसन करा सकता है| इस बातचीत के दौरान उसके पास लगातार फोन आ रहे थे, jinhe वह एडमिसन होने पर बधाइयां दे रहा था| उनसे इसके लिए साढ़े १२ लाख रूपये कैश और साढ़े चार लाख का बैंक ड्राफ्ट देने के लिए कहा| साहनी दंपती को भ्रिसा दिलाने के लिए वह उन्हें अहमदनगर में मेडिकल कॉलेज में साथ ले गया वहां पटेल उन्हें इस तरह घुमाता रहा कि साहनी दंपती को उस पर यकीन हो गया| उन्होंने उसे दो किस्तों में साढ़े १२ लाख रूपये कैश दिए| इनकी रसीद उन्हें मिल गई|
कुछ दिनों पहले पटेल ने उन्हें साढ़े चार लाख रूपये का बैंक ड्राफ्ट लेकर अहमदनगर आने के लिए कहा| साहनी दंपती बेटे और उसकी जरूरत का सामान खरीद कर मेडिकल कॉलेज में पहुँच गए| वहां उन्हे बताया गया कि एडमिसन १० दिन बाद होगा| अब उन्हें संदेह हो गया| उन्होंने केनरा बैंक में फोन कर ड्राफ्ट की पेमेंट रुकवा दी| बाद में जालसाजी का खुलासा होने पर उन्होंने मुंबई के जोइंट पुलिस कमिशनर हिमांशु रॉय से मुलाकात की|
इसके बाद कफ परेड पुलिस स्टेशन में ओएसिस एजुकेशन सर्विस के संचालको मिशन पटेल और साहिल के खिलफ एएफआईआर दर्ज की| इन्स्पेक्टर विलास की टीम ने साहिल को गिरफ्तार कर लिया| तहकीकात में पता चला कि उसका असली नाम मुहम्मद इस्माइल है| मिशन पटेल का असली नाम मुहम्मद अतिकुर्रमान है| दोनों यूपी के हैं|
मेरी जनता से यही अपील है कि वो इस तरह के विज्ञापनों में न आए इस तरह के विज्ञापन बहोत ही आकर्षक होते है तो इनसे दूर ही रहे लोगों को अपनी म्हणत पर यकीन होना चाहिए ना कि इन जालसाजो पर|
ase logo ka thga jana koi ni bat nhi hai aksr esi ghtnaye hamare samaz hai hoti rahti hai is ghatna mai is apradhiyo ke sath -sath wo mata pita bhi zimmedar hai jo apne bete ka galat dhang se admition karana chate the
ReplyDelete