कांग्रेस ने अपने सिपाहियों का बलिदान तो दे दिया ,लेकिन सहयोगियों का बलिदान लेने में वह हिचकिचा रही है कांग्रेस को यह जान लेना चाहिए की सरकार की कीमत पर यदि उसने भ्रष्टाचार से सौदा किया तो उसे भविष्य में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी आज ऐसा ही लग रहा है की करुनानिधि के दबाव के चलते कांग्रेस राजा के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले पा रही है अब यही मन जायेगा की वह कोई कदम उठाएगी तो भी उस के पीछे कोई समझोते का खेल होगा
wah ji wah piku ji kya baat hai itne uchch bichar gd ji
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