Monday, December 27, 2010

क्या पता है राष्ट्रमंडल में खेलों में हुई थी १०९ मोतें

राष्ट्रमंडल खेलों से जुडी विभिन्न परियोजनाओ के दोरान लोगों की मोत की बात को स्वीकार करते हुए सर्कार ने कहा की राष्ट्रमंडल खेल परियोजना निर्माण कार्य के दोरान १०९ मजदूरों की मोत हुई लोकसभा को श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री हरीष रावत ने बताया साल २००१ से २००५ तक राष्ट्रमंडल राष्ट्रमंडल खेल परियोजना के प्रथम चरण के दोरान ५५ मजदूरों की मोत हुई जबकि २००६ के बाद दिव्तीय चरण में ५४ मजदूर मरे गए इनमें से प्रथम चरण के तहत श्रम कल्याण कोष के बनने से पहले १८ लोगों की मोत हुई जिन्हें मुआवजा दिए जाने का उल्लेख नहीं किया गया जबकि इसी चरण में चार मज्दोरों के आश्रितों की पहचान नहीं की जा सकी  तथा शेष के आश्रितों को मुआवजा प्रदान कर  दिया गया सरकारी आंकड़ो के अनुसार दुसरे चरण में छः लोगों के आश्रितों के पहचान नहीं हुई जबकि शेष संबंधियों को मुआवजा दे दिया गया मंत्री ने रामसुंदर दस, भास्कर राव बापुराव पाटिल, भिसम्संकर उर्फ़ कुशन तिवारी, राधा मोहन सिंह, चौधरी लाल सिंह, एकनाथ महादेव गायकवाड, और मधु यास्खी के प्रस्न के लिखित उतर में कहा की  राष्ट्रमंडल खेल परियोजन से जुड़ें डीएआरसी   सथलों पर छः लोगों की मोत हुई
ये केसा खेल था जो लोगो के जीवन के साथ हुआ इन खेलों ने सिर्फ घोटाले दिखाई और लाई उन मासूम १०९ मजदूरों की मोत और मीडिया सिर्फ उन घोटालों की बात करती है उन मजदूरों की मोत को सामने कोन लेगा इस लिए ब्लॉग के माध्यम से में इन चीजों को सामनें लाने की कोसिस भर कर रहीं हूँ.............  

No comments:

Post a Comment